सरकारी व्यवसाय

पेंशन का भुगतान

इलाहाबाद बैंक पेंशन के भुगतान के लिए एजेंसी बैंकों में से एक है और 2300 शाखाओं के माध्यम से सिविल, रक्षा, दूरसंचार, रेलवे, एफसीआई और राज्य सरकार के पेंशनरों के साथ-साथ सीएमपीएफ पेंशनरों को पेंशन वितरित करता है। इलाहाबाद बैंक ने एक ही केन्द्रा से पेंशन की झंझट मुक्तं और सटीक प्रोसेसिंग तथा पेंशन भुगतान के साथ-साथ पेंशनभोगियों की शिकायतों के निवारण हेतु केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग केन्द्र (सीपीपीसी) स्थापित करने का प्रस्ताव किया है।

पेंशन प्राधिकृत शाखाएँ

  • सरकारी कर्मचारियों के पास प्राधिकृत बैंक की शाखाओं से अपनी पेंशन आहरित करने का विकल्प है।
  • मंत्रालय/ विभाग/ कार्यालय जहां सरकारी कर्मचारी ने अंतिम समय तक सेवा की है पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण है। पेंशन निर्धारण पहली बार ऐसे प्राधिकरण द्वारा किया जाता है और उसके बाद समय-समय पर केंद्र/ राज्य सरकार के प्राधिकारियों से प्राप्तउ निर्देशों के आधार पर पेंशन भुगतानकर्ता शाखा द्वारा इसका पुनर्निर्धारण किया जाता है, यदि कोई हो।
  • पेंशनभोगी को अलग से पेंशन खाता खोलने की आवश्यकता नहीं है। पेंशन को उसके मौजूदा बचत/ चालू खाते में पेंशनर द्वारा चयनित शाखा के साथ जमा किया जा सकता है।
  • पेंशन शुरू करने से पहले, एक पेंशनर को पहचान के उद्देश्य से भुगतानकर्ता शाखा में उपस्थित होना होगा। भुगतानकर्ता शाखा पेंशनर से नमूना हस्ताक्षर या अंगूठे/पैर के अंगूठे का निशान प्राप्त करेगी।
  • केंद्र सरकार के सभी पेंशनर और उन राज्य सरकारों के पेंशनर, जिन्होंने इस करार को स्वीकार किया है, अपने पति-पत्नीे के साथ संयुक्त खाता खोल सकते हैं।
  • पति या पत्नी के साथ पेंशनभोगी के संयुक्त खाते को "पूर्ववर्ती या उत्तरजीवी" अथवा "दोनो में से कोई एक या उत्तरजीवी" आधार पर संचालित किया जा सकता है।
  • • पेंशनर के बचत बैंक खाते के लिए न्यूनतम शेष मानदंड:

    1. क) चेक बुक के साथ: रु.250 / -
    2. ख) चेकबुक के बिना: रु.5 / - (ग्रामीण शाखा)
      ग) रुपये 20 / - (अन्य शाखा)

  • न्यूनतम बैलेंस में गिरावट के लिए दांडिक प्रभार:

    1. क) चेक बुक के साथ: कोई शुल्क नहीं
    2. ख) चेकबुक के बिना: कोई शुल्क नहीं

  • भुगतानकर्ता शाखाओं द्वारा पेंशन का संवितरण पेंशन भुगतानकर्ता शाखा की सुविधा के आधार पर माह के अंतिम चार दिवसों में किया जाता है मार्च के महीने को छोड़कर जब पेंशन अप्रैल के प्रथम कार्य दिवस को या उसके बाद जमा की जाती है।
  • पेंशन खाते का अंतरण:

    1. क) एक पेंशनभोगी अपना पेंशन खाता एक शाखा से एक ही बैंक की दूसरी शाखा में या उसी केन्द्रर या विभिन्न केन्द्रअ में अंतरित कर सकता है;
    2. ख) वह एक ही केंद्र के भीतर एक प्राधिकृत बैंक से दूसरे में अपना खाता अंतरित कर सकता है (ऐसे अंतरण की अनुमति वर्ष में केवल एक बार दी जानी है);
    3. ग) वह एक प्राधिकृत बैंक से अपना खाता भिन्न केन्द्रत पर भी अंतरित कर सकता है।

  • पीपीओ को किसी अन्य शाखा या बैंक, जैसी भी स्थिति हो, को अंतरित करने की स्थिति में पेंशन के भुगतान की प्रक्रिया:

    एक पेपर पर अंतरण के लिए आवेदन प्राप्त होने पर, पुराना बैंक (अंतरणकर्ता भुगतानकर्ता शाखा) शाखा प्रबंधक द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित पत्र को पिछला भुगतान दर्शाते हुए पेंशनर के पीपीओ की फोटो प्रतियां नई भुगतानकर्ता शाखा, जहां भी स्थित हो, को भेज देगा । पेंशन का भुगतान पेंशनर के पीपीओ की फोटोप्रतियों के आधार पर अंतरिती (नई) शाखा द्वारा अंतरणकर्ता (पुरानी) शाखा द्वारा किए गए भुगतान की अंतिम तिथि से किया जाएगा। इस अवधि के दौरान, दोनों शाखाओं (पुरानी और नई) को यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि संबंधित लिंक शाखाओं और पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण को सूचना के तहत तीन महीने की अवधि के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज अंतरिती शाखा द्वारा प्राप्त हो जाएं।
  • यदि पेंशनर शारीरिक रूप से विकलांग/ अक्षम है और शाखा में उपस्थित होने में असमर्थ है, तो व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता से छूट दी जाती है। ऐसे मामलों में बैंक अधिकारी पेंशनर के निवास/ अस्पताल पर उसकी पहचान करने और नमूना हस्ताक्षर या अंगूठे/ पैर के अंगूठे की छाप प्राप्त करने के उद्देश्य से जाते हैं।
  • पेंशनभोगी को रिकॉर्ड के लिए पीपीओ के आधे हिस्से को अपने पास रखने का अधिकार है और जब भी मूल पेंशन/ डीआर आदि में कोई संशोधन होता है, तो भुगतानकर्ता शाखा को पेंशनभोगी से आधा पीपीओ मंगाना होगा और सरकार के आदेशों/ अधिसूचनाओं के अनुसार उसमें परिवर्तन दर्ज करना होगा और उसे पेंशनभोगी को लौटाना होगा।
  • पेंशन शुरू करने से पहले भुगतानकर्ता शाखा इस उद्देश्य के लिए निर्धारित प्रपत्र में पेंशनर से एक वचनपत्र प्राप्त करती है और इसलिए, किसी भी महत्वकपूर्ण सूचना प्राप्त करने में देरी या किसी भी वास्तविक त्रुटि के कारण पेंशनर के खाते में किए गए अतिरिक्त भुगतान को वसूल कर सकती है। बैंक को यह अधिकार है कि वह मृतक पेंशनर के खाते में जमा की गई पेंशन की अधिक राशि उसके कानूनी वारिसों/ नामितों से वसूली कर सकता है।
  • पेंशनर को प्रत्येक वर्ष नवंबर के महीने में बैंक को जीवन प्रमाण पत्र/ गैर-रोजगार प्रमाण पत्र या रोजगार प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है। तथापि, यदि कोई पेंशनभोगी किसी गंभीर बीमारी/ अक्षमता के कारण प्राधिकृत बैंक अधिकारी से जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त करने में असमर्थ है, तो बैंक अधिकारी जीवन प्रमाण पत्र की रिकॉर्डिंग के प्रयोजन से उसके निवास/ अस्पताल का दौरा करेगा।
  • पावर ऑफ अटॉर्नी धारक द्वारा पेंशन खाते को परिचालित करने की अनुमति नहीं है। तथापि, चेक बुक सुविधा और खाते से निधियों के अंतरण के लिए स्थायी अनुदेशों की स्वीकृति की अनुमति है।
  • पेंशन भुगतानकर्ता शाखा समय-समय पर आयकर प्रधिकारियों द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार पेंशन राशि से आयकर की कटौती के लिए जिम्मेदार है। पेंशन राशि से ऐसे कर की कटौती करते समय, भुगतानकर्ता बैंक आयकर अधिनियम के तहत पेंशनभोगी को उपलब्ध राहत के लिए भी अनुमति देगा। भुगतानकर्ता शाखा पेंशनर को प्रत्येक वर्ष अप्रैल में निर्धारित प्रपत्र के अनुसार कर कटौती का प्रमाण पत्र भी जारी करेगी।
  • पेंशनर की मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन शुरू होती है। पारिवारिक पेंशन मृत्यु प्रमाण पत्र और नामिती से आवेदन प्राप्तै होने पर पीपीओ में इंगित व्यक्ति को देय है।
  • जैसा कि केंद्र सरकार (सिविल, रक्षा और रेलवे) द्वारा तय किया गया है, पहली बार पेंशन भुगतान किए जाने पर पेंशनभोगी निर्धारित फॉर्म में पेंशन स्लिप पाने का हकदार है और उसके बाद भी जब कभी मूल पेंशन अथवा मंहगाई राहत में संशोधन के कारण पेंशन की मात्रा में बदलाव होता है तब भी पेंशन स्लिप पाने का हकदार है।
  • अपनी शिकायतों के निवारण के लिए, पेंशनभोगी आरंभ में संबंधित शाखा प्रबंधक से और उसके बाद बैंक के प्रधान कार्यालय से संपर्क कर सकता है। वह भारतीय रिजर्व बैंक की बैंकिंग लोकपाल योजना, 2006 के अनुसार संबंधित राज्य के बैंकिंग लोकपाल से भी संपर्क कर सकता/सकती है। (विवरण आरबीआई की वेबसाइट http://www.rbi.org.in/ पर उपलब्ध हैं)
  • पेंशनभोगी पेंशन संबंधी मुद्दों की जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर और साथ ही भारतीय रिज़र्व बैंक की वेबसाइट (http://www.rbi.org.in/) देख सकता है।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली

80CCD के तहत कर योग्य आय से रु.50000 की छूट दी जा सकती है, इसका राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में निवेश करने हेतु

केंद्रीय करों का संग्रहण

सरकारी जमा योजना

राज्य ट्रेजरी | प्राधिकृत शाखाएँ

विभागीयकृत मंत्रालय के खाते (DMA) | प्राधिकृत शाखाएँ