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अक्षय कृषि

    उद्देश्य :
  • यह अनोखी योजना किसानों को उनकी कृषि एवं अन्य आवश्यकताओं हेतु एकल खिड़की के तहत पर्याप्त एवं समय पर ऋण सहायता उपलब्ध कराती है।
  • सुविधा :
  • फसल ऋण घटकः नक़दी ऋण
  • संबद्ध गतिविधि घटकः नक़दी ऋण- कृषि से संबंधित गतिविधियों हेतु कार्यशील पूंजी
  • मीयादी ऋण घटकः पूंजी की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु
  • समस्त किसान – वैयक्तिक/संयुक्त उधारकर्ता, जो खेत के मालिक हैं
  • खेत के मालिक किसान जो स्वयं के खेत के साथ पट्टेदारी खेत पर कृषि करते हैं
  • काश्तेकार, मौखिक पट्टेदार एवं बंटाईदार
  • काश्तेकार, बंटाईदार किसानों आदि सहित किसानों के स्वयं सहायता समूह अथवा संयुक्त देयता समूह
    फसल ऋण घटकः
  • प्रथम वर्ष की सीमा उत्पादन ऋण+30% आकस्मिक व्येय हेतु+30% घरेलू व्यय हेतु होगी
  • परवर्ती वर्षों हेतु सीमा 5 वर्ष तक वित्त के मान में लागत वृद्धि में सीमा 10% जोड़कर निर्धारित की जाएगी
  • कृषि संबंधी गतिविधियों हेतु कार्यशील पूंजी :
  • प्रथम वर्ष की सीमा का 30%
  • मीयादी ऋण:
  • मीयादी ऋण सीमा वर्तमान/प्रस्तावित कृषि परिचालन के साथ-साथ संबद्ध गतिवधियों से प्राप्त वार्षिक अधिशेष का सात गुना अथवा भूमि के मूल्य के 50% तक सीमित होगी
  • अक्षय कृषि किसान कार्ड योजना के अंतर्गत मीयादी ऋण की अधिकतम सीमा रु.10 लाख है।
  • मार्जिन:
  • फसल ऋण घटक हेतु: शून्य
  • अक्षय कृषि कार्ड योजना के अंतर्गत मीयादी ऋण सीमा हेतु जहाँ सीमा का निर्धारण भूमि के मूल्य ( राज्य के ब्लॉक/सर्किल/जिला के उपयुक्त प्राधिकारी द्वारा निर्धारित) के 50% के आधार पर तय की गयी है – मार्जिन- शून्य
  • 1,00,000/- रुपये से अधिकवाले अन्य सभी मामलों में- मार्जिन – 15%
  • ब्याज :
  • नामे शेष पर: नामे शेष पर: कृषि अग्रिमों हेतु यथाप्रयोज्य। फसल ऋण उधारकर्ताओं को समय-समय पर केन्द्रष सरकार और/अथवा राज्ये सरकार द्वारा घोषित ब्याणज अनुदान भी उपलब्धस होगा। (ब्याज दर हेतु यहाँ क्लिक करें)
  • एकेसीसी खाते में जमा शेष पर: बचत खाते में यथाप्रयोज्य ब्याज (वर्तमान में 4%) दैनिक उत्पाद आधार पर जमा शेष पर भुगतान किया जागा।
  • रु. 1,00,000.00 तक के ऋण हेतु- फसल /चल आस्तियों का दृष्टिबंधक
  • रु. 1,00,000.00 से अधिक के ऋण हेतु - फसल /चल आस्तियों का दृष्टिबंधक
    एवं
    संबंधित राज्य के कृषि ऋण परिचालन अधिनियम के अनुसार भूमि का बंधक/प्रभार सृजन|
    अथवा
    सावधि जमा/एनएससी/केवीपी एवं स्वर्ण इत्यादि के रूप में तरल प्रतिभूतियों पर प्रभार/ ग्रहणाधिकार जो प्रदान की गयी ऋण सीमा को पूर्णतया कवर करता हो।
    अथवा
    पर्याप्त साधन संपन्नक और प्रतिष्ठावाले दो व्यक्तियों से गारंटी – बैंक को स्वीककार्य।
  • रु. 4 लाख से अधिक – (पाठ्यक्रम/संस्थानों पर आधारित) प्रतिभूति तृतीय पक्ष गारंटी, माता-पिता की सह-बाध्य ता, पूर्ण संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में भिन्नप-भिन्न होगी।
बीमा:
  • अधिसूचित क्षेत्र में उगाई विनिर्दिष्ट फसलें एनसीआईपी (राष्ट्रीय फसल बीमा योजना) आशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना/(एमएनएआईएस)/मौसम आधारित फसल बीमा योजना (डब्ल्यूबी सीआईएस)/कोकोनट पाम बीमा योजना (सीपीआईएस) संबंधित राज्य सरकार द्वारा यथा संचालित के अंतर्गत कवर होंगी।
  • व्य क्तिगत दुर्घटना बीमा योजना (पीएआईएस) भी उपलब्ध है।
  • किसान ग्राहकों हेतु वैकल्पिक स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध है।
  • फसल ऋण सीमा 5 वर्षों की अवधि हेतु संस्वीकृत की जाती है जो प्रति वर्ष सीमा के नवीकरण के अध्य धीन है।
  • योजना के अंतर्गत मीयादी ऋण घटक को पूंजी व्यय की आवश्यकता की पूर्ति हेतु बनाया गया है जहाँ आस्ति की अवधि ऐसी है कि चुकौती को 9 वर्षों के भीतर सुनिश्चित की जा सके।