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इलाहाबाद बैंक कारीगर ऋण कार्ड (एसीसी) योजना

    प्रयोजन:
  • कार्यशील पूंजी: कच्चा7 माल इत्यादि खरीदने के लिए
  • मीयादी ऋण: उत्पादन प्रक्रिया प्रारंभ करने हेतु उपकरणों की खरीददारी के लिए
  • रुपये 2.00 लाख तक की ऋण सुविधा प्राप्त करनेवाले मौजूदा कारीगर उधारकर्ता जिनका बैंक से अच्छा व्यधवहार है।
  • उत्पादन/निर्माण और अन्य व्यणवसाय में शामिल समस्त कारीगर ऋण सुविधा के पात्र हैं।
  • विकास आयोग (हस्तशिल्प) में पंजीकृत कारीगरों को वरीयता दी जाएगी।
  • कारीगरों की एसएचजी अथवा कारीगरों के समूह पर भी विचार किया जाएगा।
  • सरकार द्वारा प्रायोजित अन्य योजनाओं के तहत ऋण लेनेवाले कारीगर इस योजना के तहत पात्र नहीं हैं।
    ऋण सीमा:
  • अधिकतम रुपये 2.00 लाख (मीयादी ऋण/कार्यशील पूंजी)
  • सीमा:
  • कार्यशील पूंजी: 20%
  • मीयादी ऋण: 10 परियोजना लागत का 10% (न्यूनतम)
  • ब्याज दर*:
  • ब्याज दर प्रस्तावित उधारकर्ता के प्रोफाइल पर निर्भर करती है एवं आधार दर से बीआर+1.50% प्रति वर्ष मासिक अंतराल पर परिवर्तनशील है । (विस्तृवत जानकारी के लिए होम पेज के “रेट ऑफ़ इंटरेस्ट’’ लिंक पर क्लिक करें।

  • *परिवर्तन के अध्यलधीन ।
    प्राथमिक प्रतिभूति:
  • कार्यशील पूंजी: स्टॉक, बही ऋण एवं अन्य चालू आस्तियों का दृष्टिबंधन
  • मीयादी ऋण: संयंत्र एवं मशीनरी तथा बैंक द्वारा वित्त पोषित आस्तियों का दृष्टिबंधन।
  • संपार्श्विक प्रतिभूति:
  • भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार उधारकर्ता के प्रोफाइल एवं ऋण राशि पर निर्भर करता है ।
    चुकौती अवधि
  • कार्यशील पूंजी: माँग पर प्रतिवर्ष समीक्षा के अध्याधीन
  • जारी एसीसी कार्ड 3 वर्षों के लिए वैध है।
  • मीयादी ऋण: 5 से 7 वर्ष