के बारे में

  • वे पात्र करदाता जो विनिवेश हेतु किसी अन्य विशेष आस्ति का एक अनुबद्ध निर्धारित समय सीमा में अधिग्रहण के माध्यम से दीर्घावधि पूंजी आस्तियों के विक्रय से प्राप्त आय पर छूट का दावा करना चाहते हैं, इस योजन को ले सकते हैं।
  • लाभ

  • नये आस्ति को प्राप्त करने हेतु समुचित समय।
  • बचत बैंक/सावधि जमा दर पर ब्याज अर्जन करते हुए कर में छूट प्राप्त करना।
  • पात्र आवेदनकर्ता

  • निवासी व्यक्तियों, व्यक्तियों के निकाय, एचयूएफ, एकल स्वामित्व फर्म, साझेदारी फर्म, कंपनियाँ, व्यक्तियों का संघ, एनआरआई, कृत्रिम न्यायालयीन व्यक्ति जिसका पूंजी अभिलाभ भारत में कर-योग्य है।
  • खाते का प्रकार

  • जमा प्रकार ए – बचत बैंक खाता।
  • जमा प्रकार बी- मीयादी जमा(डीडीपी/एफडीआर)
  • शेष राशि संबंधी मानदंड

  • न्यूनतम – बचत : रु. 1000/- , मीयादी जमा: रु. 1000/-
  • अधिकतम – कोई अधिकतम सीमा नहीं।
  • जमा अवधि

  • मूल आस्ति (जमाकर्ता द्वारा घोषणा अनुसार) के अंतरण की तिथि से 2 से 3 वर्ष से अधिक नहीं। निम्नानुसार: अधिकतम 24 माह- यदि पूंजी अभिलाभ आयकर अधिनियम 1961 के धार 54बी के तहत है। अधिकतम 36 माह - यदि पूंजी अभिलाभ आयकर अधिनियम 1961 के धार 54, 54डी, 54एफ, 54जीए एवं 54जीबी के तहत है।
  • फॉर्म

  • परिचालन फॉर्म – फॉर्म ए, फॉर्म बी, फॉर्म सी, फॉर्म डी, फॉर्म ई, फॉर्म एफ, फॉर्म जी, फॉर्म एच, आवश्यकतानुसार जमाकर्ता द्वारा भरा जाएगा।
  • ब्याज दर

  • प्रकार ए – यथा सामान्य बचत बैंक खाते में प्रयोज्य
  • प्रकार बी – यथा मीयादी जमा से संबंधित खुदरा एवं थोक जमा की परिपक्वता पर प्रयोज्य है।
  • स्टाफ अथवा वरिष्ठ नागरिकों हेतु कोई अतिरिक्त ब्याज दर नहीं है।
  • ऋण सुविधा

  • इस योजना के तहत जमाराशि के सापेक्ष कोई ऋण सुविधा उपलब्ध नहीं है।
  • इस योजना के तहत खोले गए मीयादी जमा खाता न तो गैर- निधि आधारित सुविधा हेतु मार्जिन राशि के रूप में स्वीकृत किया जाएगा और न ही निधि आधारित सुविधा हेतु संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
  • नामांकन

  • नामांकन की सुविधा उपलब्ध है प्राथमिकता के क्रम में केवल 3 व्यक्तियों को नामित किया जा सकता है।
  • आहरण

  • आयकर की धारा में उल्लिखित संबंधित प्रयोजन हेतु प्रकार-ए के खाते से आहरित राशि का उपयोग राशि के आहरण के 60 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए। इसके पश्चात अप्रयुक्त राशि को तुरंत खाता-ए में पुनः जमा किया जाना चाहिए। इस नियम का अनुपालन करने पर जमाकर्ता को इससे संबंधित धारा में प्राप्त छूट को गंवाना पड़ सकता है।
  • रु. 25000/- से अधिक का कोई भी आहरण केवल रेखित आईओआई के माध्यम से ही प्रभावी होगा ।
  • खाते का हस्तांतरण

  • खाते को एक शाखा से दूसरी शाखा में हस्तांतरित किया जा सकता है ।
  • पासबुक/ पावती की अनुलिपि जारी किया जाना

  • पासबुक अथवा पावती के नष्ट या खो जाने की स्थिति में आवेदन करने पर इसे संबंधित आवश्यक कार्रवाई के पश्चात अनुलिपि जारी की जाएगी ।
  • स्वत: नवीनीकरण

  • इस योजना के तहत खोले गये मीयादी जमा खातों में स्वतः नवीनीकरण की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
  • खाता को बंद करना

  • खाता को बंद करने हेतु आवेदन विशिष्ट प्राधिकार पत्र अथवा संबंधित क्षेत्राधिकार के आयकर अधिकारी से प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। प्राधिकार पत्र में उल्लिखित शर्तों के अनुसार ही खाते को बंद करने की अनुमति दी जाएगी
  • कवरेज

  • ग्रामीण शाखाओं को छोड़ कर यह योजना समस्त शाखाओं में सक्रिय होगी ।
  • नोट

  • मीयादी जमा पर प्रयोज्य दर के अनुसार टीडीएस काटा जाएगा।
  • एनईएफटी/आरटीजीएस/आईएमपीएस के माध्यम से किसी भी निधि- विप्रेषण की अनुमति नहीं दी जाएगी ।
  • इस योजना के तहत खोले गए बचत खाते में चेकबुक एवं एटीएम-सह-डेबिट कार्ड की अनुमति नहीं दी जाएगी ।