निर्यातकों हेतु गोल्डो कार्ड योजना

    मुख्या विशेषताएँ

  • क्या आप निवल आय अर्जित करनेवाले निर्यातक हैं और आपका खाता पिछले तीन वर्षों से लगातार ‘मानक’ रहा है तथा आपके खाते के संचालन में कोई अनियमितता/प्रतिकूल लक्ष्ण नहीं हैं?
  • क्या आपके खाते की जोखिम रेटिंग(विभिन्नब पैरामीटरों के अंतर्गत स्कोीरिंग के आधार पर सभी उधार खातों हेतु निर्धारित रेटिंग) एबी1 से एब4 के बीच में आती है।
  • पात्रता

  • योजना के अंतर्गत गोल्डड कार्ड लघु एवं मध्यंम क्षेत्र के निर्यातकों सहित सभी पात्र निर्यातकों को जारी किये जाते हैं जो उपर्युक्त् निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हों।
  • स्विच ओवर खातों के मामले में यदि निर्यातक मौजूदा बैंकर से “गोल्ड कार्ड” स्टे टस का लाभ उठा रहा/रहे हैं तो बैंक द्वारा उसका/उनका यही दर्जा(स्टेेटस) जारी रखा जा सकता है।
  • संघीय अग्रिम के मामले में “गोल्डि कार्ड” स्त्र के उन्नायन पर बैंक के नीतिगत दिशानिर्दशों के अनुपालन के अध्यीधीन संघीय निर्णय के अनुसार विचार किया जाएगा।
  • यह योजना उन निर्यातकों पर लागू नहीं होगी जिन्हें ईसीजीसी द्वारा ब्लैेक लिस्टत किया गया है या जो भारतीय रिज़र्व बैंक की चूककर्ता सूची/सावधान सूची में शामिल है या पिछले तीन वर्षों से घाटे में चल रहे हैं या पिछले वर्ष के टर्नओवर के 10% से अधिक के उनके निर्यात बिल अतिदेय हैं।
  • ‘गोल्ड कार्ड’ योजना में संपरिर्वतन हेतु आवेदन पत्र शाखाओं में उपलबध हैं।
  • ऋण सीमा का निर्धारण

  • प्रत्याअशित निर्यात टर्नओवर और संबंधित निर्यातक/निर्यातकों के ट्रेक रिकार्ड को ध्यारन में रखते हुए बैंक की ऋण नीति के अनुसार योजना के अंतर्गत आवश्य1कता आधारित ऋण सीमाओं की संस्वीककृति और नवीकरण/वृद्धि की जाएगी।
  • यह सुनिश्चित किया जाए कि गोल्ड कार्ड धारक की पैकिंग ऋण(विदेशी मुद्रा) आवश्यरकताओं को, एफसीएनआर(बी) के सापेक्ष ऋण प्रदान करने के संबंध में उन्हेंी गैर-उधार निर्यातकर्ताओं की तुलना में वरीयता देते हुए पूरा किया जाएगा।
  • बैंक अपनी एफसीएनआर(बी), आरएफसी आदि निधियों से पात्र मामलों में विदेशी मुद्रा में मीयादी ऋण प्रदान करने पर विचार करेगा। (बैंक 25% विंडो अथवा ओवरसीज लाइन ऑफ क्रेडिट के अंतर्गत अपने विदेशी उधार में से ऐसे ऋण प्रदान नहीं करेगा) ।
  • संस्वींकृति की शर्तों को पूरा करने के अध्यंधीन स्वतत: नवीकरण के प्रावधान के साथ ऋण सीमाएँ ‘सिद्धांतत:’3 वर्षों की अवधि हेतु संस्वी कृत की जाएँगी।
  • अचानक मिले निर्यात ऑर्डर को पूरा करने के लिए तात्कातलिक ऋण आवश्यएकता को सहज बनाने हेतु निर्धारित सीमा के 20% की आपाती सीमा अतिरिक्तल रूप से उपलब्धा करायी जाएगी। मौसमी वस्तुरओं के निर्यातकों के मामले मे व्यडस्त तम समय और गैर व्यलस्तपतम समय को समुचित रूप से निर्धारित किया जाए। अतिरिक्त आवश्यरकता का औचित्यय सिद्ध करनेवाले प्रलेखी साक्ष्यक के अध्यनधीन और संबंधित शाखा प्रबंधक की संतुष्टि होने पर आपाती सीमा (standby by limit} गोल्डप कार्ड धारक को प्रदान की जा सकती है। आपाती सीमा निर्मुक्त करने से पूर्व अपेक्षित प्रलेखन औपचारिकताएँ पूरी कर लर जानी चाहिए।
  • अप्रत्यामशित निर्यात ऑर्डर के मामले में, खाते के आकर और निर्यात आर्डर के स्व रूप को ध्याधन में रखते हुए मालसूची(इन्वेंनट्री) के मानदंड में ढील दी जा सकती है।
  • निर्यातक के कार्यनिष्पायदन के रिकार्ड की वार्षिक आधार पर समीक्षा की जाएगी जिससे उसे ब्याकज दर सहित बेहतर शर्तों का लाभ दिया जा सके।
  • उपलब्धि अद्यतन लेखापरीक्षित वित्तीशय विवरणों और उधारकर्ता द्वारा दर्ज वास्त विक बिक्री के साथ-साथ बैंक द्वारा स्वीधकृत प्रोजेक्शिन/प्राक्क लन के आधार पर खाते की समीक्षा के समय ऋण सीमा में वृद्धि करने पर विचार किया जा सकता है।
  • प्रस्तारवों के निपटान हेतु समय सीमा

    खातों के अधिग्रहण सहित आवेदनों के निपटान हेतु अधिकतम समय सीमा:
  • नये आवेदन/वृद्धि का निपटान 25 दिन
  • सीमाओं का नवीकरण 15 दिन
  • तदर्थ सीमाओं की संस्वी कृति 07 दिन
  • ब्याथज दर

  • गोल्ड कार्ड निर्यात ग्राहकों के मामले में प्रयोज्य ब्यारज दरे परिपत्रित दिशानिर्देशों के अनुसार होंगी।
  • सेवा प्रभार

  • आईओआई पर सामान्यर प्रभार में 10% की रियायत
  • घरेलू साख पत्र/बैंक गारंटी जारी करने हेतु सामान्य प्रभार में 10% की रियायत
  • प्रोसेसिंग शुल्कर पर सामान्यज प्रभार में 10% की रियायत
  • प्रलेखन/बंधक प्रभार वास्तनविक व्यरय के अनुसार वसूल किया जाएगा।
  • ईसीजीसी कवर के संबंध में प्रीमियम

    पोत-लदानपूर्व ऋण (ईसीआईपी-डब्यूना टीपीसी) के संबंध में प्रीमियम निर्यातक से वसूल किया जाएगा जबकि पोत-लदोत्तरर ऋण (ईसीआईबी-डब्यू्िख टीपीसी) के संबंध में प्रीमियम बैंक द्वारा वहन किया जाएगा। ‘गोल्ड कार्ड निर्यातकों’ के खाते बैंक द्वारा ईसीजीसी से प्राप्तट निर्यात ऋण बीमा के अंतर्गत कवर रहेंगे। तथापि गोल्डा कार्ड धारकों हेतु पोत-लदानपूर्व ऋण पर प्रीमियम निम्नालिखित के अध्यटधीन बैंक द्वारा मामला दर मामला आधार पर वहन किया जाएगा:

  • बैंक के साथ ऋण टर्नओवर निर्यात व्यरवसाय के अनुपात में है।
  • वेतन खाते, हमारे रिटेल उत्पा्दों की क्रॉस सेलिंग आदि सहित अनुषंगी/अनुपूरक व्य वसाय ग्राहकों द्वारा हमारे बैंक को प्रस्तु त किए जा रहे हैं।
  • खाता नियमित है और फेडाई दिशानिर्देशों के अनुसार निर्यात बिल देय तिथि के 30 दिनों से अधिक बकाया नहीं है।
  • खाते का संचालन हर प्रकार से संतोषजनक हैं।
  • आंतरिक रूप से और विनियामकों द्वारा किये गये निरीक्षणों में कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं है।
  • अत:, पोत लदानपूर्व ऋण पर ईसीजीसी को प्रीमियम के भुगतान पर छूट अत्यंअत प्रतिष्ठित कंपनियों/ग्राहकों को दी जाएगी। गोल्डस कार्डधारकों को पोत लदानपूर्व ऋण पर प्रीमियम के भुगतान पर छूट देने का प्राधिकार(जिसे बैंक वहन करेगा) महाप्रबंधक(ऋण)/ कार्यपालक निदेशक/अध्यकक्ष एवं प्रबंध निदेशक को है।

    गोल्डव कार्ड स्टेमटस की अवधि

    पात्र निर्यातकों को गोल्डग कार्ड स्टेंटस 3 वर्षों की अवधि हेतु जारी किये जायेंगे और खाते में प्रतिकूल लक्ष्णन/अनियमितताएँ न होने की स्थिति में स्व त: 3 वर्षों की अतिरिक्तऔ अवधि हेतु नवीकृत किये जायेंगे। इसके दुरुपयोग अथवा निबंधनों एवं शर्तों के उल्लंिघन की स्थिति में बैंक को गोल्ड कार्ड स्टे्टस निरस्त करने/लाभों को वापस लेने का अधिकार होगा।