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एनआरआई/पीआईओ हेतु ऑलबैंक आवास वित्त योजना

    प्रयोजन:
  • पहले से स्वामित्ववाली ज़मीन पर आवासीय मकान के निर्माण हेतु।
  • प्लॉट (प्लॉट अवश्य विकसित/ विकासशील आवासीय क्षेत्र में स्थित होना चाहिए एवं उसका सीमांकन उचित रूप से किया जाना चाहिए) के क्रय एवं उस पर आवासीय मकान के निर्माण हेतु। (प्लॉट के क्रय हेतु ऋण राशि का प्रयोग पात्र / संस्वीकृत ऋण राशि के 60 % तक सीमित होगा)
  • मकान/फ्लैट की खरीद हेतु ।
  • पहले से स्वामित्ववाले आवासीय मकान के जीर्णोद्धार/विस्तार/मरम्मत हेतु।
  • अपूर्ण/पुराने मकान के क्रय एवं उसके नवीनीकरण /विस्तार/मरम्मत हेतु।
  • अन्य वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से गृह ऋण के टेक ओवर हेतु।
  • लक्ष्य समूह:
  • अनिवासी भारतीय (एनआरआई) जिनके पास भारतीय पासपोर्ट अथवा भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) जिनके पास विदेशी पासपोर्ट है, एकल या संयुक्त रूप से है। अथवा
  • एनआरआई/पीआईओ के करीबी रिश्तेदार जैसे; पति-पत्नी, पिता, माता, पुत्र एवं पुत्री, जिनका संपत्ति में भावी हित है, भारत के निवासी होने के बावजूद, संयुक्त उधारकर्ता हो सकते हैं।
  • ज़मीन की खरीददारी हेतु वित्तपोषण:
  • ज़मीन के प्लॉट की खरीददारी एवं मरम्मत के लिए भी ऋण पैकेज के रूप में प्राप्त किया जा सकता है। तथापि, ज़मीन खरीदने के लिए ऋण का उपयोग ज़मीन की कुल कीमत का 75% तक सीमित है अथवा कुल ऋण राशि का 60% अनुमति योग्य है, दोनों में जो सबसे कम हो।
  • न्यूनतम आयु 21 वर्ष। उधारकर्ता की आयु एवं ऋण अवधि 60 वर्ष की आयु से अधिक न हो।
  • नियोजित/स्वनियोजित अवश्य होना चाहिए अथवा कोई व्यावसायिक इकाई होनी चाहिए एवं विदेश में कम-से-कम 1 साल से रह रहा हो।
  • न्यूनतम सकल वार्षिक आय रु.3.00 लाख प्रति वर्ष के समतुल्य होना आवश्यक है।
    अथवा
    उसके एनआरआई/एनआरओ/एफसीएनआर में पिछले तीन वर्ष के दौरान न्यूनतम सकल धन प्रेषण रु.3.00 लाख प्रति वर्ष होना आवश्यक है।
    ऋण सीमा:
  • निम्नतम ऋण राशि: रु.5 लाख
  • अधिकतम ऋण राशि: रु.500.00 लाख
  • प्रस्तावित ऋण की ईएमआई सहित कुल कटौती पात्र ऋण राशि के हिसाब हेतु ली गयी राशि का 50% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • आवश्यकता आधारित वित्त उधारकर्ता की पुनर्भुगतान क्षमता पर निर्भर है जो निम्नांकित से संबंधित है:
  • यदि आवेदन की तिथि को उधारकर्ताओं/सह-उधारकर्ताओं की आयु 45 वर्ष से कम है तो अधिकतम ऋण सीमा आईटीआर के अनुसार सकल वार्षिक आय का 6 गुना अथवा सकल मासिक आय का 72 गुना अथवा विगत तीन वर्षों के दौरान एनआरई/एनआरओ/एफसीएनआर खाते में न्यूनतम आवक विप्रेषण का दो गुना, जो भी अधिक हो, होगी ।
  • तथापि यदि उधारकर्ताओं/सह-उधारकर्ताओं की आयु 45 वर्ष से अधिक है तो अधिकतम ऋण सीमा आईटीआर के अनुसार सकल वार्षिक आय का 5 गुना अथवा सकल मासिक आय का 60 गुना अथवा विगत तीन वर्षा के दौरान एनआरई/एनआरओ/एफसीएनआर खाते में न्यूनतम आवक विप्रेषण का दो गुना, जो भी अधिक हो, होगी ।
  • क). यदि प्रस्तावकों ( एकल या संयुक्त रूप से ) की सकल वार्षिक आय रु.15.00 लाख तक है तो टेक होम आय सकल वार्षिक आय के 40% से कम नहीं होनी चाहिए ।
  • ख). यदि प्रस्तावकों (एकल या संयुक्त रूप से) की सकल वार्षिक आय रु.15.00 लाख से अधिक है तो टेक होम आय सकल वार्षिक आय के 30% से कम नहीं होनी चाहिए बशर्ते न्यूनतम वार्षिक टेक होम वेतन रु.6.00 लाख हो ।

  • मार्जिन:
  • रु.30.00 लाख तक के ऋण हेतु- परियोजना लागत का 10%, अधिकतम एलटीवी 90% ।
  • रु.30.00 लाख से अधिक एवं रु.75 लाख तक के ऋण हेतु- परियोजना लागत का 20%, अधिकतम एलटीवी 80% ।
  • रु .75 लाख से अधिक के ऋण हेतु- परियोजना लागत का 25%, अधिकतम एलटीवी 75% ।

  • ब्याज दर:
  • कृपया नवीनतम प्रयोज्य दिशानिर्देशों का संदर्भ लें ।
  • संपत्ति का साम्यिक/पंजीकृत बंधक ।
  • पति-पत्नी (यदि सह-उधारकर्ता नहीं बनाया गया है एवं भारत में निवास है) एवं बैंक को स्वीकार्य किसी साधन संपन्न व्यक्ति की व्यक्तिगत गारंटी (मामला विचार योग्य होने पर संस्वीकृति प्राधिकारी द्वारा निवासी भारतीय की तृतीय पक्ष गारंटी को छूट प्रदान की जी सकती है) ।
  • यदि ऋण मुख्तारनामे के आधार पर संस्वीकृत/संवितरित किया जाता है तो मुख्तारनामा धारक की व्यक्तिगत गारंटी भी प्राप्त की जाए ।
    चुकौती अवधि:
  • 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, अधिकतम 10 वर्ष ।
  • अधिस्थगन अवधि:
  • नये मकान/फ्लैट के निर्माण के संबंध में- प्रथम संवितरण की तारीख से 18 माह अथवा निर्माण पूरा होने के बाद 1 माह, जो भी पहले हो।
  • अन्य मामलों में- अंतिम संवितरण के पश्चात् 3 माह।
  • अधिस्थगन अवधि में ब्याज लिया जाएगा।
  • प्रोसेसिंग एवं अन्य प्रभार:
  • सेवा प्रभार परिपत्र के अनुसार
  • पूर्व भुगतान दंड:
  • शून्य
  • चुकौती पद्धति:
  • विदेश से धन प्रेषण सामान्य बैंकिंग पद्धति के माध्यम से
  • एनआरई/एफसीएनआर/एनआरओ खाते के निधि में से
  • करीबी रिश्तेदार द्वारा स्थानीय निधि में से धन प्रेषण
  • बैंक ऋण से क्रय किए गए मकान/फ्लैट से प्राप्त किराये से
  • प्रत्येक मामले में चुकौती पद्धति का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाए, ताकि मासिक किस्त ब्याज सहित सहजता से वसूला जा सके
  • यदि आवश्यक हो, तो निधि निर्मुक्त करने से पहले न्यूनतम 24 पीडीसी प्राप्त कर लिया जाना चाहिए।