आलू उत्पादक क्रेडिट कार्ड

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आलू उत्पादक क्रेडिट कार्ड योजना

    उद्देश्य:
  • यह किसानों को उनकी कृषि एवं अन्य आवश्यकताओं हेतु एकल खिड़की के अंतर्गत पर्याप्त एवं समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने की एक विशिष्ट योजना है।
  • समस्त कृषक – वैयक्तिक/संयुक्त उधारकर्ता जो खेतिहर मालिक हैं।
  • स्वयं जोती गई भूमि सहित पट्टाकृत भूमि के मालिक किसान
  • काश्तकार किसान, मौखिक पट्टाधारी एवं बंटाईदार किसान।
  • एसएचजी अथवा संयुक्त देयता समूह के किसान जिसमें काश्तकार, बंटाईदार इत्यादि शामिल है।
फसल ऋण के घटक :

डीएलटीसी अनुमोदित वित्तमान के आधार पर उत्पादन ऋण की आवश्यकता की गणना की जाएगी। इसके अतिरिक्त ऋण राशि निम्नांकित की वृद्धि द्वारा तय की जाएगी। :

  • आकस्मिक व्यय : उत्पादन ऋण का 30%
  • घरेलू प्रयोजन हेतु व्यय : उत्पादन ऋण का 30%
  • संबद्ध गतिविधियों हेतु कार्यशील पूंजी के लिए अन्य सीमा: उत्पादन ऋण का 30% जहां उधारकर्ता संबद्ध कृषि के अंतर्गत अन्य गतिविधियां कर रहा है ।
मीयादी ऋण:
  • खेती के उपकरण, यातायात वाहन, पिकअप वैन/ ट्रक के क्रय हेतु सीमा मामले दर मामले के आधार पर निर्धारित होगी। योजना के तहत अधिकतम मीयादी ऋण की सीमा रु. 20.00 लाख तक होगी।
मार्जिन :
  • 15%
ब्याज:
  • नामे शेष पर : जैसा कि कृषि अग्रिम हेतु प्रयोज्य है। केंद्र सरकार और/ अथवा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर घोषित की जानेवाली ब्याज सहायता भी फसल ऋण उधारकर्ताओं हेतु उपलब्ध है। (ब्याजदर हेतु यहाँ क्लिक करें)
  • एकेसीसी खाते में जमा शेष : पर बचत खाते में यथाप्रयोज्य ब्याज (वर्तमान में 4%) दैनिक उत्पाद आधार पर जमा शेष पर भुगतान होगा।
अन्य प्रभार :
  • प्रोसेसिंग प्रभार, दस्तावेजीकरण प्रभार एवं प्रांरभिक शुल्क के अंतर्गत 50% सामान्य प्रभार।
  • रु.1,00,000.00 – तक के ऋण हेतु फसल/चल आस्तियों का दृष्टिबंधक
  • रु.1,00,000.00 – से अधिक के ऋण हेतु फसल/चल आस्तियों का दृष्टिबंधक
    तथा
    संबंधित राज्य के कृषि ऋण परिचालन अधिनियम के अनुसार भूमि का बंधक/प्रभार का सृजन।
    अथवा
    सावधि जमा/एनएससी/केवीपी एवं स्वर्ण इत्यादि के रूप में तरल प्रतिभूतियों पर प्रभार/ग्रहणाधिकार बशर्ते प्रदान की गई ऋण सीमा को पूर्णतया कवर करता हो।
    अथवा
    साधन संपन्न् और प्रतिष्ठा वाले दो व्यक्तियों से गारंटी – जो बैंक को स्वी कार्य हो।
  • रु.4 लाख से अधिक – (कोर्स/संस्थान पर आधारित) विभिन्न प्रतिभूति, तृतीय पक्ष गारंटी, माता – पिता का सह-दायित्व, पूर्ण संपाशिर्वक प्रतिभूति।
बीमा:
  • अधिसूचित क्षेत्र में उगाई विनिर्दिष्ट फसलें एनसीआईपी (राष्ट्रीय फसल बीमा योजना) के अंतर्गत कवर होंगी, आशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना/(एमएनएआईएस)/मौसम आधारित फसल बीमा योजना (डब्ल्यूबी सीआईएस)/नारियल पेड़ बीमा योजना (सीपीआईएस) संबंधित राज्य सरकार द्वारा यथा संचालित।
  • वैयक्तिक दुर्घटना बीमा योजना (पीएआईएस) भी उपलब्ध है।
  • किसान ग्राहकों हेतु वैकल्पिक स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध है।
  • फसल ऋण सीमा 5 वर्षों की अवधि हेतु संस्वीकृत है प्रति वर्ष सीमा नवीकरण के अधीन है।
  • योजना के अंतर्गत मीयादी ऋण घटक को पूंजी व्यय की आवश्यकता की पूर्ति हेतु बनाया गया है जहां आस्ति जीवन ऐसी है कि चुकौती को 9 वर्षों के भीतर सुनिश्चित किया जा सकता है।