ट्रेड लोन

    प्रयोजन :
  • कार्यशील पूँजी आवश्यकता: इकाई/प्रतिष्ठान की दैनंदिन कार्यशील पूँजी आवश्यकताओं की पूर्ति करना।
  • मीयादी ऋण: व्यवसाय चलाने के लिए स्वामित्व के आधार पर परिसर, गोदाम लेना / निर्माण/ वर्तमान व्यावसायिक परिसर की मरम्मत, फर्निशिंग, नवीकरण एवं/अथवा फर्नीचर एवं फिक्सचर की खरीद तथा नए उपकरण, बिजनेस टूल्स, कम्प्यूटर्स, यू.पी.एस. इत्यादि की खरीद के लिए।
  • लक्ष्य समूह:
  • किसी भी विधिसम्मत व्यापारिक गतिविधि, अर्थात ऐसी वस्तु एवं सेवा जो रिजर्व बैंक/सरकार द्वारा निषिद्ध न हो, में व्यापार करने वाले समस्त ट्रेडर जो व्यक्ति, फर्म, कंपनी, सहकारी समितियाँ हों।
  • जेराक्स, ड्राई क्लीनिंग, पेट्रोलियम उत्पाद/एल.पी.जी के व्यवसाय हेतु लाइसेंस, आटो सर्विस सेंटर, आई.एस.डी/एस.टी.डी/पी.सीओ. बूथ इत्यादि की सेवा देने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठान/एजेंसी भी पात्र हैं।
  • स्थानीय कानून(अर्थात दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम)/उपयुक्त प्राधिकारण के अंतर्गत उपयुक्त पंजीकरण/लाइसेंस वाले व्यापारी/व्यवसायिक प्रतिष्ठान।
  • जिस व्यवसाय के लिए स्वीकृतकर्ता अधिकारी को स्वीकार्य चार्टर्ड एकाउंटेंट की फर्म द्वारा विधिवत प्रमाणित फाइनांसियल या वित्तीय परिणाम की विवरणी सहित आयकर रिटर्न जमा किया गया हो, आवेदक उस व्यवसाय में कम से कम एक वर्ष से लगा हो। इकाई लाभ अर्जित करने वाली होनी चाहिए।
    ऋण सीमा :
  • रु.5.00 करोड़ की सीमा तक ऋण सुविधा स्वीकृत की जाएगी। मार्जिन
  • मार्जिन
  • स्टाक पर 25% *मात्र
  • 90 दिन तक की प्राप्य राशियों पर 30%
  • उपकरण, टूल्स, फर्नीचर और फिक्सचर, कंप्यूटर हार्डवेयर इत्यादि के लिए स्वीकृत मीयादी ऋण पर 25%
  • परिसर, गोदाम लेने/निर्माण हेतु स्वीकृत मीयादी ऋण पर 50%
  • साख पत्र/बैंक गारंटी हेतु 20% नकद
    प्राथमिक:
  • स्टाक, बही ऋण और अन्य चालू आस्तियों पर विशेष दृष्टिबंधक प्रभार तथा इकाई के समस्त स्थाई आस्तियों जैसे उपस्कर, व्यवसाय उपकरण, कंप्यूटर्स, फर्नीचर और फिक्सचर इत्यादि पर विशेष दृष्टिबंधक प्रभार। स्वामित्व आधार पर परिसर लेने/निर्माण के लिए स्वीकृत ऋण के मामले में, बंधक संबंधी बैंक के मैन्युअल के अनुसार संपत्ति बैंक के पक्ष में बंधक की जानी चाहिए।
  • संपार्श्विक:
  • विद्यमान इकाइयों के लिए: एन.एस.सी., जीवन बीमा पालिसी(सरेंडर वैल्यू) या किसी अन्य मूर्त प्रतिभूति के रूप में संपार्श्विक प्रतिभूति, जिसका प्राप्त होने योग्य मूल्य, कुल ऋण के कम से कम 75% के बराबर हो।
  • नई इकाइयों के लिए: एन.एस.सी., जीवन बीमा पालिसी(सरेंडर वैल्यू) या किसी अन्य मूर्त प्रतिभूति के रूप में संपार्श्विक प्रतिभूति, जिसका प्राप्त होने योग्य मूल्य, कुल ऋण के कम से कम 100% के बराबर हो।
  • गारंटी: साझेदारी फर्म के मामले में, समस्त पार्टनर की व्यक्तिगत गारंटी। प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के लिए, समस्त प्रवर्तक निदेशकों से व्यक्तिगत गारंटी। पब्लिक लिमिटेड कंपनियों के लिए, कम से कम एक प्रवर्तक निदेशक एवं/ अथवा निदेशकों की व्यक्तिगत गारंटी जिनका व्यवसाय में प्रमुख हित हो।
    चुकौती अवधि
  • मीयादी ऋण:
    • नकदी प्रवाह एवं उपकरण के प्रभावी जीवन के अनुसार, स्थगन अवधि सहित अधिकतम 84 माह
  • क्लीन मीयादी ऋण:
    • नकदी प्रवाह के अनुसार, अधिकतम अवधि 3 वर्ष
  • कार्यशील पूँजी:
    • वार्षिक समीक्षा के अध्यधीन, माँग पर
  • LC/गारंटी:
    • वार्षिक समीक्षा के अध्यधीन, कार्यशील पूँजी सीमा के भाग के रूप में।
  • साख पत्र/बैंक गारंटी के लिए 20%
  • वीप्रीपेमेंट पेनाल्टी
  • अधिग्रहण के मामले में मीयादी ऋण के बकाया शेष का 2.25%